हमारे लिए हिंदी शायरी का क्या महत्व है। हर कोई अपने काम के लिए कुछ अच्छे शब्द सुनना चाहता है |
आज हम आपको चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल में लेके जायेंगे .... हुमे आशा हैं कि आपको यह शायरी पढकर मजा आयेगा ।
Shashari on Tea
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀मिलो कभी चाय पर फिर क़िस्से बुनेंगे..
तुम ख़ामोशी से कहना हम चुपके से सुनेंगे.✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
दूध से कहीं ज्यादा देखे है
मैंने शौक़ीन चाय के.✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
एक तेरा ख़्याल ही तो है मेरे पास.
वरना कौन अकेले में बैठे कर चाय पीता है.✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀मैंने देखा ही नहीं कोई मौसम,
मैंने चाहा है तुम्हें चाय की तरह✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀चाय, शायरी, और तुम्हारी यादे
भाते बहुत हो. दिल जलाते बहुत हो .✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀बैठे चाय की प्याली लेकर पुराने किस्से गरम करने
चाय ठंङी होती गई और आँखे नम
एक तेरा ख़्याल ही तो है मेरे पास.
वरना कौन अकेले में बैठे कर चाय पीता है.
जब सुबह-सुबह तेरे प्यार के नग्में को गुनगुनाता हूँ,
लब मुस्कुराते है जब चाय का कप उठाता हूँ.✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀कुछ इस तरह से शक्कर को
बचा लिया करो,
चाय जब पीओ हमें
जहन में बैठा लिया करो.✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀चाय के बाद दूसरा रंग तुम्हारा है,
जो मुझे साॅवला अच्छा लगता है…
कुछ इस तरह से शक्कर को
बचा लिया करो,चाय जब पीओ हमें
जहन में बैठा लिया करो.
तेरी यादों का नशा है मुझे
चाय की तरह
सुबह सबसे पहले
तेरी ही याद आती हैं✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀आज फिर चाय की मेज़ पर
एक हसरत बिछी रह गयी,
प्यालियों ने तो लब छू लिए
केतली देखती रह गयी.✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀सभी सिसकियों की हाय लाया हूँ,
अहल-ए-गम बैठों जरा मैं चाय लाया हूँ.
कुछ इस तरह से शक्कर को बचा लिया करो,
चाय जब पीओ हमें जहन में बैठा लिया करो
आज फिर चाय की मेज़ पर
एक हसरत बिछी रह गयी,
प्यालियों ने तो लब छू लिए
केतली देखती रह गयी.✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀इश्क़ और सुबह की चाय
दोनों एक समान होती हैं,
हर बार वही नयापन,
हर बार वही ताज़गी
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀रिश्तों की चाय में शक्कर
ज़रा माप के ही रखना
ऐ दोस्त फीकी हुई तो स्वाद नही
आएगा,ज्यादा मीठी हुई तो मन भर जाएगा
एक कप चाय दो दिलों को मिला देती है,
एक कप चाय दिन भर की थकान मिटा देती है.
इश्क़ और सुबह की चाय
दोनों एक समान होती हैं,
हर बार वही नयापन,
हर बार वही ताज़गी✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀सुना है
सर्दियो में चाय पिलाना ब
ड़े पुण्य का काम होता हैं
कौन कौन पुण्य करेगा आज✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀हल्के में मत लेना तुम सांवले रंग को
दूध से कहीं ज्यादा देखे है मैंने शौकीन चाय के
लहजा थोड़ा ठडां रखे साहब
गर्म तो हमें सिर्फ़ चाय पसदं है
आज लफ्जों को मैंने शाम की चाय पे बुलाया है
बन गयी बात तो गजल भी हो सकती✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
सर्दियों के बस दो ही जलवे,
तुम्हारी याद और चाय✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀ये चाय की मोहब्बत. तुम क्या जानो जनाब
हर घूंट मे बस..तुम को ही याद करते है
असल जिंदगी वही जीते हैंजो चाय पीते हैं
बैठे चाय की प्याली लेकर पुराने किस्से याद करने
चाय ठंडी होती गई और किस्से गरम होते गये✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
ठंड बहुत है.
कोई ज्ञान नहीं बांटेगा,
जिसको बांटनी है चाय बांटो
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀तीन ही शौक थे मेरे इक चाय,
इक शायरी और तुम
चाय, शायरी, और तुम्हारी यादे
भाते बहुत हो, दिल जलाते बहुत हो
शादी उसी लड़की से करूँगा,
जो सुबह उठते ही पूछे. जानू चाय दूँ या पप्पी?✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀उफ्फ चाय की तरह
चाहा है मैने तुझे
और तुने बिस्कुट की तरह
डुबो दिया अपनी यादो मे मुझे✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
ज़िन्हे चाय से लगाव होता है
उसके दिल में जरूर घाव होता हैं
अदाए तो दिखिए बदमाश चायपत्ती की,
थोडा सा दूध में क्या डाली शर्म से लाल हो गयी✍️
चाय पर हिंदी शायरी कि मैफिल
😀मेरी चाय… आज फिर से
ज़्यादा मीठी हो गई.
कितनी बार कहा है कि बार बार
तुम याद ना आया करो.✍️

